IBM ने एक झटके में 2700 लोगो को नौकरी से निकला , AI की ‘मार’ से डूब रही नौकरियां!

  1. Technology की दुनिया में भारी उथल-पुथल! IBM ने 2025 के आखिरी तिमाही यानी Q4 में अपनी कुल वर्कफोर्स का 1% काटने का ऐलान किया है। इसका मतलब  2,700 से ज्यादा नौकरियां जा रही हैं। CNBC की रिपोर्ट के मुताबिक, ये कटौती मुख्य रूप से अमेरिका आधारित रोल्स को प्रभावित करेगी। बता दे 2024 के अंत तक IBM के पास 2.7 लाख कर्मचारी थे।

अभी तो ये सिर्फ शुरुआत है। माइक्रोसॉफ्ट, अमेजन, गूगल, सेल्सफोर्स जैसी दिग्गज कंपनियां भी AI क्रांति के नाम पर हजारों कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा दी हैं।

Amazon का बड़ा झटका: 14,000 नौकरियां गायब

अमेजन ने हाल ही में ग्लोबल रिस्ट्रक्चरिंग के तहत 14,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया। ये कटौती मुख्य रूप से मैनेजर लेवल 5 से 7 के लोगों पर पड़ी यानी जूनियर से सीनियर मैनेजमेंट तक। रिपोर्ट के मुताबिक प्रभावित स्टाफ का 80% से ज्यादा अमेजन के रिटेल डिवीजन में था, जिसमें ई-कॉमर्स, ह्यूमन रिसोर्सेस और लॉजिस्टिक्स की टीमें शामिल हैं।

अमेजन की चीफ HR बेथ गैलेटी ने अपने ब्लॉग पोस्ट में कहा कि निकाले गए कर्मचारियों को अगले 90 दिनों तक पूरा वेतन और बेनिफिट्स मिलेंगे, लेकिन सवाल ये है क्या ये काफी है? अमेजन का कहना है कि ये कटौती इनएफिशिएंसी को दूर करने के लिए हैं, ताकि कंपनी AI पर ज्यादा फोकस कर सके।

Salesforce में 4,000 जॉब्स गायब

सितंबर 2025 में सेल्सफोर्स ने 4,000 से ज्यादा लोगों को नौकरियां से निकाल दीं। ये कटौती बिजनेस रिस्ट्रक्चरिंग का हिस्सा थी, जो उभरती टेक्नोलॉजी के कारण आई डिसरप्शन से निपटने के लिए। कंपनी के CEO मार्क बेनियोफ ने लॉगन बार्टलेट पॉडकास्ट में कन्फर्म किया, ai अब कस्टमर-फेसिंग ऑपरेशंस का बड़ा हिस्सा संभाल रहा है। मतलब, ai ने उन कामों को अपने हाथ में ले लिया, जो पहले इंसान किया करते थे।

Google ने भी नौकरी से निकला

इस साल गूगल ने अलग-अलग डिवीजनों में सैकड़ों नौकरियां काटीं। खासकर, 200 वर्कर्स को ai ने रिप्लेस कर दिया, जो कम वेतन, खराब काम की स्थितियों के खिलाफ विरोध कर रहे थे। ये वर्कर्स गूगल के ai प्रोडक्ट्स  जैसे जेमिनी चैटबॉट को ट्रेन और असेस करने के लिए हायर किए गए थे। गूगल का फोकस अब बिजनेस रिस्ट्रक्चरिंग पर है, जहां एआई तेजी से जगह बना रहा है।

Microsoft : सालाना तीसरी लहर, 9,000 जॉब्स पर खतरा

जुलाई 2025 में माइक्रोसॉफ्ट ने करीब 9,000 कर्मचारियों यानि  कुल वर्कफोर्स का 4%  को नौकरी से निकालने का ऐलान किया। ये एआई इनवेस्टमेंट्स के बीच रिस्ट्रक्चरिंग का हिस्सा था। इस साल ये तीसरी राउंड थी  मई में 6,000 जॉब्स (3%) कटे, और जून में 300 से ज्यादा। माइक्रोसॉफ्ट के पास जून 2024 तक 2,28,000 कर्मचारी थे। कंपनी का मकसद? मैनेजमेंट लेयर्स कम करना, ताकि एआई पर ज्यादा खर्च हो सके।

ये सबका असर क्या है?

ये लेऑफ्स सिर्फ नंबर्स नहीं, बल्कि हजारों परिवारों की जिंदगी पर असर डाल रही हैं। लेकिन कंपनियों का कहना है कि ये बदलाव करना बहुत जरूरी हैं एआई से काम सस्ता और तेज हो रहा है। अच्छी बात ये है कि कुछ कंपनियां निकाले गए लोगों को री-स्किलिंग और नई जॉब्स की ट्रेनिंग दे रही हैं।

कंपनी कटे जॉब्स मुख्य कारण
IBM 2,700+ AI  फोकस और सॉफ्टवेयर ग्रोथ
Amazon 14,000 रिटेल रिस्ट्रक्चरिंग, AI push
Salesforce 4,000+ कस्टमर सपोर्ट में एआई का इस्तेमाल
Google सैकड़ों (200+) AI ट्रेनर्स को रिप्लेस, प्रोटेस्ट
Microsoft 9,000 मैनेजमेंट लेयर्स कम, AI  निवेश

लेकिन हम क्या करें?

दोस्तों, ये खबर डरावनी लग सकती है, लेकिन ये भी एक मौका है। अगर आप स्टूडेंट हैं या जॉब कर रहे हैं, तो एआई, कोडिंग और डेटा साइंस सीखना शुरू कर दो। एआई नौकरियां खत्म नहीं कर रहा, बल्कि नई बना रहा है  बस सही स्किल्स चाहिए। कंपनियां बदल रही हैं, तो हमको भी बदलना ही होगा ।