Karnataka का DeepTech और AI इनोवेशन को बड़ा बूस्ट: 600 करोड़ रुपये का फंड, क्या अब बेंगलुरु से आगे बढ़ेगी स्टार्टअप की क्रांति |

Karnataka सरकार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग (ML), क्वांटम कंप्यूटिंग, रोबोटिक्स, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और सस्टेनेबिलिटी फोकस्ड इनोवेशन पर काम करने वाले उद्यमियों को सपोर्ट करने के लिए 600 करोड़ रुपये का विशेष प्लान लॉन्च किया है। इस पहल का मकसद राज्य के डीपटेक स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करना और कर्नाटक को ‘इंडिया का डीपटेक कैपिटल’ बनाने का है। इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी और बायोटेक्नोलॉजी मंत्री प्रियंक खरगे ने कहा, “यह इनिशिएटिव राज्य के डीपटेक स्टार्टअप इकोसिस्टम को स्ट्रेंग्थन करेगा और कर्नाटक को डीपटेक कैपिटल ऑफ इंडिया बनेगा।

600 करोड़ का ब्रेकडाउन: कहां-कहां लगेंगे पैसे?

सरकार ने इस फंड को कई हिस्सों में बांटा है, ताकि स्टार्टअप्स को हर लेवल पर मदद मिले:

  • डीपटेक इलेवेट फंड: 150 करोड़ रुपये AI और फ्रंटियर टेक्नोलॉजीज के लिए।
  • इलेवेट बियॉन्ड बेंगलुरु फंड: 80 करोड़ रुपये मायसूरू, मंगलुरु, हब्बल्ली-धारवाड़ और कलबुर्गी जैसे शहरों के स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए।
  • कर्नाटक आईटी वेंचर कैपिटल फंड (KITVEN): 75 करोड़ रुपये AI और डीपटेक स्टार्टअप्स को 50 लाख से 2 करोड़ रुपये तक की इक्विटी फंडिंग के लिए।
  • नए इंक्यूबेटर्स और एक्सेलरेटर्स: 48 करोड़ रुपये धारवाड़ और कलबुर्गी के IIT और IIIT कैंपस पर सेटअप के लिए।
  • सीड-लेवल इनोवेशन सपोर्ट: 110 करोड़ रुपये राज्य की 11 संस्थाओं में इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए।

इसके अलावा, सरकार 200 करोड़ रुपये के फंड-ऑफ-फंड्स और वेंचर कैपिटल फर्म्स के साथ को-इन्वेस्टमेंट मॉडल की तलाश कर रही है। इससे कुल फंड स्ट्रेंग्थ 1,000 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है, जो खासतौर पर AI और डीपटेक वेंचर्स के लिए होगा।

क्यों है यह प्लान खास?

कर्नाटक पहले से ही भारत का इनोवेशन हब है, जहां 250 से ज्यादा डीपटेक स्टार्टअप्स हैं जो लगभग 10,000 लोगों को रोजगार दे रहे हैं। यह नया प्लान स्टार्टअप्स को कैपिटल का स्टेडी फ्लो देगा और बेंगलुरु के बाहर इकोसिस्टम को डेवलप करेगा। Q3 2025 में बेंगलुरु के स्टार्टअप्स ने 76 फंडिंग राउंड्स में 617 मिलियन डॉलर जुटाए थे, जो राज्य की ग्रोथ को दिखाता है।

पिछली पहलों से जुड़ाव, भविष्य की प्लानिंग

यह प्लान सरकार की पिछली कोशिशों का एक्सटेंशन है। मार्च 2025 में चिक्कबल्लापुर जिले में MV डीप टेक पार्क का ऐलान हुआ था, जो स्पेसटेक, सेमीकंडक्टर्स, ड्रोन्स, EVs, एयरोस्पेस, डिफेंस पर फोकस करेगा। अगस्त 2025 में 1,000 करोड़ रुपये का कर्नाटक क्वांटम मिशन लॉन्च किया गया, जिसका टारगेट 2035 तक 20 बिलियन डॉलर का क्वांटम इकोनॉमी बनाना, 10,000 हाई-स्किल्ड जॉब्स क्रिएट करना और कर्नाटक को ‘एशिया का क्वांटम कैपिटल’ बनाना है। इसमें क्वांटम हार्डवेयर पार्क, चार इनोवेशन जोन्स और 100 से ज्यादा स्टार्टअप्स के लिए क्वांटम वेंचर कैपिटल फंड शामिल है।

अन्य इनिशिएटिव्स में 50 करोड़ रुपये का सेंटर फॉर एप्लाइड AI फॉर टेक सॉल्यूशंस (CATS) और 2025-30 की कर्नाटक क्लीन मोबिलिटी पॉलिसी शामिल है, जो 50,000 करोड़ रुपये के इन्वेस्टमेंट को अट्रैक्ट करेगी। हब्बल्ली में स्टार्टअप पार्क, धारवाड़ में इकोनॉमिक कॉरिडोर और विजयपुरा-कलबुर्गी में इंडस्ट्रियल हब्स भी चल रहे हैं।

क्या होगा असर?

विशेषज्ञों का कहना है कि यह प्लान कर्नाटक को ग्लोबल डीपटेक लीडर बनाएगा। स्टार्टअप्स को न सिर्फ फंडिंग मिलेगी, बल्कि मेंटरिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर और मार्केट एक्सेस भी। इससे हजारों नौकरियां पैदा होंगी और राज्य की GDP में योगदान बढ़ेगा।